मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं, जनसमस्याओं का त्वरित एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें – मुख्यमंत्री

  • सीएम हेल्पलाइन-1905 और ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान को बनाया जा रहा अधिक प्रभावी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, पेंशन, रोजगार, आर्थिक सहायता तथा विभिन्न क्षेत्रीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं से संबंधित प्रकरण रखे।

मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित, प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान जिला अथवा विभागीय स्तर पर हो सकता है, उनका अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लंबित रहना उचित नहीं है। अधिकारी अपने स्तर पर जनसमस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शासन-प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और नियमानुसार उनका यथाशीघ्र समाधान किया जाए। आमजन को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

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उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन-1905, जनसुनवाई और ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जैसे कार्यक्रमों को प्रभावी बनाया जा रहा है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के माध्यम से शासन-प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं के समाधान के साथ ही पात्र लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ रहा है। पूर्व में आयोजित शिविरों में भी विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के साथ लोगों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितम्बर से प्रारंभ सेवा संकल्प अभियान प्रदेश में 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ के शिविरों के साथ स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा, जिनके माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं और सेवाओं को आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। शिकायतों के निस्तारण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि समाधान केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित व्यक्ति को वास्तविक रूप से राहत मिले। उन्होंने कहा कि शासन, जिला प्रशासन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से जनसमस्याओं का समाधान और अधिक प्रभावी बनाया जाए। जनहित से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए लोगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

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इस दौरान मुख्यमंत्री से ‘9वीं हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026’ में पदक जीतने वाले उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों ने भी भेंट की। यह प्रतियोगिता 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक पटाया, चोनबुरी, थाईलैंड में आयोजित हुई थी। प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड के मन्नू सोनकर, शिवानी दाबसा, मोहम्मद जकी और मुकुल ने स्वर्ण पदक, जबकि मेघा शर्मा और धनंजय धारीवाल ने कांस्य पदक प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोभाल एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी उपस्थित थे।

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