ऋण बीमा के बावजूद आश्रितों को परेशान करने वाले बैंकों पर डीएम सविन बंसल का कड़ा एक्शन, दो बैंकों की कटी आरसी

देहरादून : ऋण के बीमा होने के उपरान्त भी आश्रितों की फजीहत कराने वाले बैंको पर जिलाधिकारी सविन बंसल कड़ा रूख अपनाए हुए हैं। जिलाधिकारी ने 2 बैंको की आरसी काट दी है। डीएम ने केनफिन होम लि0 20 लाख व एचडीएफसी के प्रबन्धक की 14.74 लाख की आरसी काट दी है। अब जिलाधिकारी के रडार पर जिला प्रशासन निरंतर अपने कड़े फैसलों से जहां जनमानस को उनका अधिकार दिला रहा है वहीं जनमानस को अनावश्यक परेशान करने वालों पर भी नकेल कस रहा है, जिससे ऐसा कृत्य करने वालों में प्रशासन का खौफ भी बढा है। बावजूद इसके नये प्रकरण भी सामने आ रहे हैं।

ये भी पढ़ें:  मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून ने एडवांस्ड रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी से 61 वर्षीय मरीज को फिर से चलने-फिरने में बनाया सक्षम

जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में व्यथित उर्मिला डीएम से मिली उन्होंने अपनी फरियाद लगाई की उनके पति महिलपाल सिंह द्वारा वर्ष 2022 में एचडीएफसी बैंक से ऋण लिया था जिसका बैंक द्वारा बीमा भी कराया तथा प्रीमियम की किस्त भी जमा की गई पति महिपाल सिंह की मृत्यु होने के बाद बैंक वसूली के लिए परेशान कर रहे हैं, बैंक इंश्योरेंश कम्पनी से क्लेम करने के बजाय उनको परेशान क रहा है। जिस पर डीएम ने एचडीएफसी बैंक के प्रबन्धक जीवनगढ की 12.74 लाख की आरसी काट दी है।

ये भी पढ़ें:  मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून ने एडवांस्ड रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी से 61 वर्षीय मरीज को फिर से चलने-फिरने में बनाया सक्षम

दो बेटो की मां व्यथित विधवा माला देवी ने डीएम ने फरियाद लगाई की उनके पति स्व उदय शंकर द्वारा कैनफिन लि. से रूपये 20 लाख का ऋण मकान क्रय करने के लिए लिया गया था जिसका बीमा भी कराय गया है रूपये 12.22 लाख किस्त भी जमा कराई गई हैं किन्तु पति की मृत्यु 20 जनवरी 2025 को हो गई थी, पति की मृत्यु के उपरान्त इश्योंरेश कम्पनी व बैंक के पास मकान के दस्तावेज हैं कम्पनी द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई है उनको परेशान किया जा रहा है उनके 2 नौनिहालों की पढाई भी बाधित हो रही है बैंक और इंश्योरेंश कम्पनी परेशान कर रही हैं जिस पर जिलाधिकारी ने केनफिन होम लि0 जीएमएस रोड के प्रबन्धक की रूपये 22 लाख की आरसी काट दी है।

ये भी पढ़ें:  मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून ने एडवांस्ड रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी से 61 वर्षीय मरीज को फिर से चलने-फिरने में बनाया सक्षम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *