स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क गर्भवती महिला का करवाया सुरक्षित संस्थागत प्रसव

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बरसात के दौरान गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव को चलाए जा रहे अभियान के तहत दशोली ब्लॉक के खैनुरी गांव की हाईरिस्क वाली गर्भवती महिला का सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता के मार्गदर्शन में जनपद चमोली में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खैनुरी गांव की 26 वर्षीय विनीता देवी पत्नी सूरज लाल, को गर्भावस्था के सातवें महीने के अंत में अत्यधिक खून की कमी (हीमोग्लोबिन केवल 7 ग्राम) पाई गई थी। इससे उनके प्रसव में जटिलताएं उत्पन्न होने की आशंका थी। समय पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा महिला की स्थिति को पहचाना गया और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पुरोहित के नेतृत्व में एएनएम कुसुम बिष्ट एवं आशा वर्कर सतेश्वरी देवी द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दशोली में महिला को आयरन सुक्रोज इंजेक्शन द्वारा विशेष आयरन थेरेपी दी गई।

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सीएमओ ने बताया कि लगातार फॉलोअप के बाद शुक्रवार को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर आशा वर्कर एवं एएनएम द्वारा महिला को स्वास्थ्य विभाग के वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चमोली लाया गया। महिला चिकित्सक एवं प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में महिला का सफल प्रसव कराया गया। विनीता देवी ने 3.50 किग्रा वजन के स्वस्थ नवजात पुत्र को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। प्रसव के समय महिला का हीमोग्लोबिन स्तर 10 ग्राम पाया गया।

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स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता, समय पर उपचार एवं ग्रामीण स्वास्थ्य टीम की सजगता के चलते एक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव संभव हो पाया।जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सभी गर्भवती महिलाओं की जांच एवं देखरेख कर रही है ताकि किसी भी जटिलता की स्थिति में समय रहते आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

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