डीएम आशीष भटगांई की सख्त कार्रवाई, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गिरी गाज, पीएमजीएसवाई जेई सस्पेंड

  • धरमघर-सनगाड़ मार्ग नहीं खुला, डीएम ने पीएमजीएसवाई जेई को किया सस्पेंड

बागेश्वर : जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने जिले में जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि आपदा प्रबंधन और आवश्यक सेवाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कपकोट, धरमघर-सनगाड़ ग्रामीण मोटर मार्ग पर किलोमीटर 1 – 3 के बीच मलबा आने की स्थिति में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग (PMGSY) द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न तो जेसीबी मशीन मौके पर भेजी गई और न ही मार्ग को खोलने की दिशा में कोई प्रभावी प्रयास किए गए। इस लापरवाही से नाराज़ जिलाधिकारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित कनिष्ठ अभियंता जितेश मलकानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित और सहायक अभियंता आशीष रावत पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि आपदा की घड़ी में प्रशासन का सबसे बड़ा दायित्व प्रभावित नागरिकों तक त्वरित राहत पहुंचाना होता है, और इसमें कोताही क्षम्य नहीं है।

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इसी प्रकार रीमा क्षेत्र में लगातार विद्युत आपूर्ति बाधित रहने और जनता को हो रही असुविधा को देखते हुए जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के कार्यों पर भी गंभीर नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित कनिष्ठ अभियंता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने और क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को शीघ्र सुचारु करने के निर्देश अधिशासी अभियंता को दिए हैं। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आगे से इस प्रकार की शिकायतें प्राप्त होती हैं, तो सीधे उच्च स्तरीय कार्रवाई की जाएगी।

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जिलाधिकारी भटगांई ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा से प्रभावित मार्गों को प्राथमिकता पर खोलने के लिए पर्याप्त संख्या में जेसीबी एवं मशीनरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया है कि हर क्षेत्र में निरंतर निगरानी रखी जाए तथा शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने यह संदेश दिया कि जनहित सर्वोपरि है और शासन की नीतियों का उद्देश्य आमजन को राहत पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि “आपदा हो या आम स्थिति, जनता की सेवा में कोई चूक स्वीकार नहीं की जाएगी।”

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